The Age of Adaline: प्रेमियों के प्रेम को बचाने की कोशिश करती हमारी ‘ऐडलाइन’
The Age of Adaline सपोज कीजिए, 30 साल के बाद आपकी उम्र आगे ही न बढ़े और आप कभी भी बूढ़े न हों तो कैसा लगेगा? कैसा लगेगा जब आपके सारे रिश्ते आपकी नजरों के सामने ओझल होते चले जाएं? कैसा लगेगा जब आप 100 साल बाद खुद में एक सदी का इतिहास समेटे अपने नए प्रेमी से मिलें और फिर अचानक पता चले कि उस प्रेमी का बुजुर्ग बाप भी कभी आपका प्रेमी रहा है? वैसे ये कोई सवाल नहीं हैं बल्कि वो कल्पनाएं हैं जिसे विज्ञान की दुनिया में ही गढ़ा जा सकता है।
ऐडलाइन के सहारे हम कम से कम ये तो जान सकते हैं कि प्रेमिकाओं में भी प्रेमियों जितनी छटपटाहट होती है। न केवल प्रेमियों के लिए बल्कि एक मां के लिए भी ये कितना मुश्किल होगा कि वो अपनी बच्ची को अपनी ही आंखों के सामने बूढ़ा होते देखे और हालात यहां तक पहुंच जाएं कि बेटी को मां की दादी मां तक बनना पड़े। वैसे तो ये केवल कल्पानाएं हैं लेकिन कल्पानाओं के सागर में भावनाओं की हिलोरें काफी तेज होती हैं।
अब ऐडलाइन क्या करे? फिर से एक शहर छोड़कर भाग जाए? नए प्रेमी को सब कुछ बता दे? अगर उसे पता चलेगा कि वो मेरे बाप की प्रेमिका रही है तो उस पर क्या गुजरेगी? क्या उसे अपनी बेटी के पास जाना चाहिए जो अब बूढ़ी हो चुकी है? पुराने प्रेमी की सारी शिकायतों के लिए माफी मांगे?
मांफी मांगे कि उसने क्यों खोने के डर से बिना कुछ बताए उसे पार्क में अंगूठी के साथ छोड़ दिया था जब वह उसे शादी के लिए प्रपोज करने वाला था? या फिर उसी घर में पुराने प्रेमी के बेटे की प्रेमिका बनकर रहे और उस गलती को ठीक करे जो उसने एक डर से 80 साल पहले की थी? वैसे तो ये वो सवाल हैं जिनका जवाब ऐडलाइन से नहीं पूछा जाना चाहिए। उसने तो वही किया जो प्रेमिकाएं करती आ रही हैं। प्यार को बचाए रखा। कैसे? ये मूवी देखिए अगर नहीं देखी है तो!